शाहजहांपुर: पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली छात्रा को धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। सोमवार सुबह करीब दस बजे छात्रा पुलिस सुरक्षा में घर से कोर्ट के लिए निकली। वहां उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम गीतिका सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। दोपहर करीब 2ः40 बजे कोर्ट से निकली। करीब साढ़े चार घंटे तक छात्रा के कलमबंद बयान दर्ज किए गए। इस दौरान कोर्ट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा। जिसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच छात्रा को घर भेज दिया गया।
बता दें कि छात्रा ने स्वामी चिन्यामनंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए दिल्ली में जीरो क्राइम नंबर पर एफआइआर दर्ज कराई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसआईटी अपने स्तर से जांच कर रही थी। इसलिए दिल्ली में दर्ज मुकदमे को जांच पूरी होने तक यहां दर्ज होने से रोक दिया गया था। छात्रा के मेडिकल परीक्षण के साथ ही मामले से जुड़े अधिकतर लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं। अगली कार्रवाई छात्रा के कोर्ट में कलमबंद बयान पर टिकी हुई थी। आज छात्रा को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में लाया गया, करीब साढ़े चार घंटे तक छात्रा के कलमबंद बयान दर्ज किए गए। माना जा रहा है कि 164 के तहत छात्रा के कलमबंद बयान के बाद स्वामी चिन्मयानंद पर कार्रवाई हो सकती है।
