फरीदाबाद की आवाज । फरीदाबाद। दिनांक 21 जून 2025
11वीं अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उत्साह संपूर्ण विश्व में दिखाई दिया जिसमें ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज फरीदाबाद ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस कार्यक्रम के लिए अस्पताल प्रशासन ने पूर्व नियोजित कार्यक्रमों की एक श्रृंखला निर्धारित की हुई थी जिसका समापन आज 21 जून को योग दिवस के सफल आयोजन के साथ हुआ।
कार्यक्रम में प्रातः 9:00 बजे सभी संकाय सदस्य एकत्रित होकर महर्षि पतंजलि योगशाला एवं अनुसंधान केंद्र में उपस्थित हो गए थे। उसके पश्चात मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ अनिल कुमार पांडे मुख्य अतिथि के रूप में योग दिवस के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
उनके साथ मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ संदीप कुमार, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ रतन प्रकाश धीर (प्रशासन), डॉ राकेश सरवाल, कर्नल डॉ नरेंद्र कुमार, डॉ जगदीश शर्मा, डॉ मयंक हंस, डॉ शचि श्रीवास्तव, डॉ महकप्रीत डॉ अरविंद,डॉ ज्योति शर्मा, डॉ सार्थक वर्मा व डॉ संदीप योगाचार्य शामिल थे।
सर्वप्रथम डॉ अनिल कुमार पांडे व डॉ संदीप कुमार द्वारा महर्षि पतंजलि जी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। उसके बाद दीप प्रज्वलन में सभी शामिल हुए। इसके पश्चात भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के संदेश को स्क्रीन पर दिखाया गया।
डॉ संदीप योगाचार्य ने निर्धारित योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया, जिसमें कॉलेज और हॉस्पिटल के संकाय सदस्यों, स्नातक बैच 2024 के विद्यार्थी एवं बीमा धारकों ने भाग लिया। योग अभ्यास के कार्यक्रम में नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, हाउसकीपिंग स्टाफ, सुरक्षाकर्मी एवं विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह योग का अभ्यास प्रातः 8:00 बजे से प्रारंभ हो गया था और इसके विभिन्न समय अनुसार इस कार्यक्रम को संचालित किया गया। योगाभ्यास प्रदर्शन में महिला योग प्रशिक्षिका मीनाक्षी के साथ डॉ प्रदायिनी, डॉ सुरभि, शांति ने सहयोग किया ।
कार्यक्रम के मध्य में कुछ बीमा धारकों शिव देवी, हरि सिंह, ओम प्रकाश, सावित्री, राकेश, मारूफ आलम, सविता ने योग आयुर्वेद, खानपान- आहार विहार व एकीकृत स्वास्थ्य चिकित्सा द्वारा जटिल रोगों में प्राप्त किए गए लाभ के बारे में भी सार्वजनिक तौर पर अपना अनुभव साझा किया गया। डीन डॉक्टर अनिल कुमार पांडे ने उपस्थित सभी बीमा धारकों व कर्मचारियों को योग से जुड़ने की प्रशंसा की तथा सभी को योगमय जीवन अपनाने का संदेश दिया। सभी योग अभ्यासियों के लिए जलपान की सात्विक व्यवस्था की गई।











